Thursday, 25 August 2016

Ancient Lord SHIVA Temple at Nabinagar, Bulandshahr, Uttar Pradesh , India

Posted on blog on 28.06.2016 by Hakikat Rai Sharma
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Ancient Lord SHIVA Temple
 at Nabinagar, Bulandshahr, Uttar Pradesh , India 
built in last quarter of the 19th Century 
by Hon'ble (Late) Rani Gendkunwar Ji in the Rajput architecture.









Pictures by Mr. Hakikat Rai Sharma




Pictures by Mr. Saksham Sharma







1.      गाँव नबीनगर, जिला बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश, (भारत) अपने प्राचीन एवं भव्य शिव और गंगा मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है /
2.      शिव मंदिर आकार और ऊंचाई में अधिक बड़ा है /
3.      इनका निर्माण स्व० आ० रानी गेंद कुंवर जी ने 19 वीं शताब्दी के अंत में कराया था /
4.      इस मंदिर में उनका नाम लिखा हुआ नहीं है /
5.      a) मंदिर लगभग 15 फीट ऊँचे चबूतरे पर बना हुआ है / अब इसकी ऊंचाई सड़क से कम हो गई है /
 
    b) बहुत से लोगों का कहना है कि प्राचीन शिव मंदिर, नबीनगर, बुलंदशहर ही ऐसा मंदिर है        जिसके प्रांगण में 15 फ़ीट की ऊंचाई पर लगबग 2 एकड़ में सुन्दर बगीचा आज भी है / 

    c) मंदिर प्रांगण के भराव हेतु गॉव की चारों दिशाओं से मिट्टी उठाई गई / इससे चार तालाब बन गए जिनमें पूरे वर्ष जल उप्लब्ध रहता है /
6.      इस मंदिर परिसर के दो तरफ पक्की दीवार नहीं बन पाई थी / ऐसा प्रतीत होता है कि रानी गेंद कुंवर जी के सामने कोई बड़ी समस्या अचानक आ गई थी / इसी कारण न तो दीवारें बन पाईं और न ही उनके नाम की शिला लग सकी /
7.      कहा जाता है कि उन पर आक्रमण किया गया और उन्होंने पास के गाँव बद्रखान (बदरखा) के ज़मींदार के यहाँ शरण ली /
8.      मंदिर परिसर में नए निर्माण से इसकी सुन्दरता कम हुई है /
9.      इसके परिसर में सुन्दर बगीचा था जिसमें रोज़ झाड़ू लगाई जाती थी /
10.  इस बगीचे में फल और फूलवाले वृक्ष और पौधे थे जिनमें कुछ खुशबूदार भी थे/
11.  पौधे इलाहाबाद से मंगाये जाते थे /
12.  नबीनगर (अन्य गाँव शामिल) के अंतिम जमींदार स्व० श्रीयुत श्री नारायन लाल जी थे जिनका परिवार इलाहाबाद में रहता है / इसके अंतिम कारिन्दा (एग्जीक्यूटिव ऑफिसर) स्व. लाला राधा किशन जी थे /
13.  रानी का निवास स्थान (अब मूल से बहुत छोटा) कारिन्दा के वंशजों के पास है /
14.  मंदिर की निर्माण शैली राजपूत शैली है /
15.  शिवलिंग के पास फव्वारे चला करते थे /
16.  आदर्णीया रानी जी ज़मीन के नीचे बने रास्ते से मंदिरों में पूजा करने आती थीं /
17.  इसकी मरम्मत में मूल आकृतियाँ (सजावट) दब गई हैं /
18.  शिव मंदिर की अन्दर की छत में इसके निर्माण के बाद एक बार भी रंग का काम नहीं किया गया /
19.  लगभग 130 साल बाद भी रंगों और चित्रों की सुन्दरता सराहनीय है /
20.  गंगा मंदिर में रौशनी कम पहुँचती है / ऐसा लगता है इसके निर्माण की योजना में गलती रह गई थी /
21.  मदिर की दीवारें काफी मोटी बनी हुई हैं /
22.  मंदिर परिसर में बने कुए से जल ज़मीन के नीचे बने रास्ते से बहकर गाँव के बाहर (जहांगीराबाद की दिशा में) हौदियों में पहुँचता था जहाँ पशु उसे पीते थे /
23.  आजकल मंदिर की देख रेख एक समिति (पंजीकृत नहीं) करती है /
24.  इसके परिसर में पंचायत होती थी और रामलीला का मंचन किया जाता था /
25.  कई बार यहां स्वांग और नाटको का मंचन किया जाता था जिसमें व्यावसायिक कलाकारों के साथ गाँव वाले भी शामिल होते थे /
26.  यहाँ पर शिवरात्रि एवं महाशिवरात्रि पर भक्तों की संख्या हजारों तक पहुँच जाती है/
27.  कांवड़ चढाने वालों की बड़ी-बड़ी पंक्तियाँ लग जाती है /
28.  शिव मंदिर में पूजा कराने का अधिकार हमेशा से गिरी परिवार के पास है / गंगा मंदिर में पूजा कराने का अधिकार पंडित परिवार के पास है /
29.  भगवान् शिव और गंगा माँ में गाँव वालों की अपार श्रद्धा है / वे हमेशा सभी का कल्याण करते हैं /
30.  देवों के देव महादेव की कृपा से गाँव में प्रेम और भाईचारे का माहौल है / यहाँ के मुसलमान भी मंदिर के रखरखाव में  सहायता करते हैं और इसका सम्मान करते हैं /
31.  गाँव नबीनगर बुलंदशहर से अनूपशहर जाने वाली सड़क पर स्थित किसान आदर्श इंटर कॉलेज, रोंडा के सामने लगभग 1.75 किलो मीटर की दूरी पर स्थित है/ इसकी दूरी बुलंदशहर से 13 मील है /  

सूचनास्रोत : गाँव के बहुत से व्यक्तियों से बीते 45 सालों में बातचीत जिनमें से अधिकतर स्वर्ग सिधार गए और कुछ आज भी युवा पीढ़ी का मार्ग दर्शन कर रहे हैं /  

आवश्यकता:  
पुरातत्व विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार एवं भारत सरकार से इसके रखरखाव की ज़िम्मेदारी लेने के लिए सुनियोजित प्रयास किये जाएं /

शासन, प्रशासन एवं पत्रकारिता-जगत से सहयोग की प्रार्थना की जाती है /

पाठकों का बहुत आभार /

यदि किसी के पास मंदिर से सम्बंधित कोई ठोस जानकारी हो तो कृपया ईमेल पर भेजें /


प्रथम प्रयास एवं सूचना संग्रह द्वारा :

हकीकत राय शर्मा, गाँव - नबीनगर, बुलंदशहर, (उत्तर प्रदेश)
कहानीकार, शायर (प्रकाशित) एवं अध्यापक (अंग्रेजी), भारत सरकार सेवा
Blog: http://hakikatrai.blogspot.in/
Email: hakikatraisharma@yahoo.in
वर्तमान निवास स्थान : गाज़ियाबाद, (उत्तर प्रदेश)   

NABINAGAR IS THE NATIVE VILLAGE OF HAKIKAT RAI SHARMA.

Monday, 25 July 2016

Kargil Vijay Diwas‬

1. Kargil Vijay Diwas, named after the success of Operation Vijay

2. On this day, 26 July 1999, India successfully took command of the high outposts which had been lost to Pakistani intruders. 

3. The Kargil war was fought for more than 60 days, ended on 26 July and resulted in the loss of life on both sides, India and Pakistan and with the India regain possessions of Kargil. 

4. Kargil Vijay Diwas is celebrated on 26 July every year in honour of the Kargil War's Heroes. 

5. This day is celebrated in the Kargil - Dras sector and the national capital New Delhi, where the Prime Minister of India, pays homage to the soldiers at Amar Jawan Jyoti at India Gate every year. 

6. Functions are also organized all over the country to commemorate the contribution of the Armed forces.


My Tributes to all martyrs of ‪#‎Kargil‬ war -the real heros ‪#‎KargilVijayDiwas‬